दूर निगाहोंसे बार बार jaya न करो,
Dilko इस कदर tadpaya न करो,
तुम बिन 1 pal भी जी न सकेंगे हम ,
ये ehsaas बार बार dilaya न करो .
कभी आंसू कभी खुशबू कभी नाघ्मा बनकर |
हम से हेर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर*********** |
चाँद निकला है तेरी आँख क आँसू की तरह |
फूल महके हैं तेरी जुल्फ का साया बनकर*********** |
मेरी जागी हुई रातों को उसी की है तलाश |
सो रहा है मेरी आँखों मैं जो सपना बनकर*********** |
दिल के काग़ज़ पर उतरता है जो शेरों की तरह |
मेरे होंटों पे मचलता है जो नाघ्मा बनकर
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रात भी आए टू बुझती नहीं चेहरे की चमक |
रौह मैं फैल गया है वह उजाला बनकर*********** |
मेरा क्या हाल है यह आके कभी देख तो ले |
जी रही हूँ तेरी भूला हुआ वादा बनकर
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Dhoup मैं खो गया वह हाथ छुरा कर |
घर से जो साथ चला था मेरा साया बनकर*********** |
कभी आंसू कभी खुशबू कभी नाघ्मा बनकर |
हम से हर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर |
क्या समझेंगी वह इस दिल की दर्द को
खोयी जो हैं वह अपने ही जहाँ में
क्या महसूस होगी उनको मेरी तड़प
शामिल जो हैं वह इस दुनिया की महफिल में…..
न ख़ुद समझे न समझा सके हम उन्हें
न पाए कभी न कभी खो सके उन्हें
यह बेखुदी तोह रब भी न जाने
इस दिल का नजराना न दिला सके हम उन्हें….
अपना प्यार को छुपा न सके,
दीवाना दिल पे काबू पा न सके,
आज इतने करीब सा गुज़र गए वो
फिर बी उनके हाथ हम थम न सके!!