मैं कहता हूँ अँधेरा कोई नही रहा है
हर सिमट उजाला है
तुम ने मेरे घर मैं
एक नया सूरज पला है
अश्कबार हूँ तो बस इस लिए की
खुशी भर गयी थी आँखों मैं
इस खुशी की पहरेदारी अब तुम करो
सरे आंसू अपने होंठों पे धरो
मुझे प्यार करो प्यार करो बहुत प्यार करो
दूर निगाहोंसे बार बार jaya न करो,
Dilko इस कदर tadpaya न करो,
तुम बिन 1 pal भी जी न सकेंगे हम ,
ये ehsaas बार बार dilaya न करो .
तेरी हर एक अदा मोहब्बत सी लगती है
एक पल की जुदाई मुद्दत सी लगती है
पहले नही अब सोचने लगे है हम ज़िंदगी के हर लम्हे मे
तेरी ज़रूरत सी लगती है
कभी आंसू कभी खुशबू कभी नाघ्मा बनकर |
हम से हेर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर*********** |
चाँद निकला है तेरी आँख क आँसू की तरह |
फूल महके हैं तेरी जुल्फ का साया बनकर*********** |
मेरी जागी हुई रातों को उसी की है तलाश |
सो रहा है मेरी आँखों मैं जो सपना बनकर*********** |
दिल के काग़ज़ पर उतरता है जो शेरों की तरह |
मेरे होंटों पे मचलता है जो नाघ्मा बनकर
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रात भी आए टू बुझती नहीं चेहरे की चमक |
रौह मैं फैल गया है वह उजाला बनकर*********** |
मेरा क्या हाल है यह आके कभी देख तो ले |
जी रही हूँ तेरी भूला हुआ वादा बनकर
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Dhoup मैं खो गया वह हाथ छुरा कर |
घर से जो साथ चला था मेरा साया बनकर*********** |
कभी आंसू कभी खुशबू कभी नाघ्मा बनकर |
हम से हर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर |