मैं कहता हूँ अँधेरा कोई नही रहा है
हर सिमट उजाला है
तुम ने मेरे घर मैं
एक नया सूरज पला है
अश्कबार हूँ तो बस इस लिए की
खुशी भर गयी थी आँखों मैं
इस खुशी की पहरेदारी अब तुम करो
सरे आंसू अपने होंठों पे धरो
मुझे प्यार करो प्यार करो बहुत प्यार करो
दूर निगाहोंसे बार बार jaya न करो,
Dilko इस कदर tadpaya न करो,
तुम बिन 1 pal भी जी न सकेंगे हम ,
ये ehsaas बार बार dilaya न करो .
तेरी हर एक अदा मोहब्बत सी लगती है
एक पल की जुदाई मुद्दत सी लगती है
पहले नही अब सोचने लगे है हम ज़िंदगी के हर लम्हे मे
तेरी ज़रूरत सी लगती है
तेरे होट हँसना भूल जाए,
तेरी आखे पुरी नम रहा करे
तू जिसे भी देख कर रुका करे,
वो नजर झुकाके चला करे
तू इस की बात सुना करे,
वो किसी और की बाते कहा करे
तुझे दोस्ती भी न आये रास
तू तनहा तनहा रहा करे,
तेरे खवाब बिखरे टूट कर,
तू किरिच किरिच चुना करे
तुझे इश्क पर हो यकीन तब
उसे किताबो में पढ़ा करे
फिर में कहूँ इश्क तो ढोंग हैं,
तू नही नही किया करे|