मैं कहता हूँ अँधेरा कोई नही रहा है
हर सिमट उजाला है
तुम ने मेरे घर मैं
एक नया सूरज पला है
अश्कबार हूँ तो बस इस लिए की
खुशी भर गयी थी आँखों मैं
इस खुशी की पहरेदारी अब तुम करो
सरे आंसू अपने होंठों पे धरो
मुझे प्यार करो प्यार करो बहुत प्यार करो
तेरी हर एक अदा मोहब्बत सी लगती है
एक पल की जुदाई मुद्दत सी लगती है
पहले नही अब सोचने लगे है हम ज़िंदगी के हर लम्हे मे
तेरी ज़रूरत सी लगती है
तू जो मुस्कुराके देख ले आसमान को
चाँद भी शरमाके झुक जाए तेरे क़दमो में
दुनिया में लाखों हसीं हैं
तू एक हसीन है लाखों में
सो रहे थे जज्बात मेरे तेरे दीदार से पहले
तुझे देख कर जागी है मोहब्बत इस दिल में
जो तुम मिल गई अगर मुझ को आये सनम
रोनक हो जायेगी मेरी जिंदगानी में
मैंने तेरे प्यार में दिलको ज़ख्मी कर लिया है
अब तो चुपाले मुझको अपने आँचल की आड़ में
कुबूल कर मेरे प्यार को आये जाने -ऐ -फसीह
न मिलेगा मुझ जैसा आशिक सारी दुनिया में
लबों की हसी तेरे नाम कर देंगे
हर खुशी तुझ पर कुर्बान कर देंगे
जीस दिन होगी कमी मेरी दोस्ती मे
ज़िंदगी को मौत के नाम कर देंगे
“ किसी और की बाँहों में रहकर
वह हमसे वफ़ा की बात करते है
यह कैसी चाहत है यारो
वह बेवफा है यह जानकर भी
हम उस्सी से बेपनाह प्यार करते है ”
“ न समझो के हमने आपको भुला रखा है
आप नही जानते के दिल में छुपा रखा है
देखते रहे तुम्हें उमर भर इन आंखों में
इसलिए नज़रों के सामने आइना लगा रखा है ”
में तो तेरी यादो को भुला ख़ुद ब ख़ुद सभ्ल ही गया
तुमने नजरे मिलते ही, नजरो को क्यो झुका लिया हैं
आशिया बनाने में सदियों लगे थे, उजड़ने में लमहा
तुम ने फिर से क्षणो में आिशया केसे सज़ा लिया हैं,
मेरी ख्वाबो की मलिका तुम और सिर्फ़ तुम हो,
ये जाने नींद को भी दुश्मन हमने बना लिया हैं |