लव का सही मतलब

में आज आपको लव का सही मतलब बताऊंगा जिससे आपको पता चलेगा की लव क्या और क्यो होता है हम लोग लव थो करते हैं पर उसके सही ढंग से निभाते नही हम प्यार करके बात में उसे छोड़ देते हैं

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मगर लव का यह बिलकुल भी यह मतलब नही होता कोय्की लव तो दिल सी कियाजता हैं इसलिए लव को तो दिल से करो की और लोगो को भी लव का सही मतलब पता चल सके

लव शायरी

कैसे  कहूं  मैं  तुम  से,  अपने  इस  दिल  की  बात,
हिम्म्म्मत  तो  की  इतनी,  लबों  ने  पर  न  दिया  साथ.
अपनी  यह  चाहत  ले  कर, करूं  मैं  अब  तुझसे  क्या  इजहार,
दिन  तो  कट  जाते  हैं  कट  ती  नही  यह  रात.
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किया  पता  तुम्हे  इस  दिल  की  हालत,
जिस  की  सागर  सी  गहराई  तक  सिर्फ़  तुम  हो.
किया  जानो  मेरी  दीवानगी  और  जूनून,
के  तुम  इतनी  दूर  होते  हुए  भी,
दिल  के  बोहोत  करीब  हो.
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कुछ  गुस्सा, कुछ  नखरा, कुछ  इल्तिजा  भी  है  आप  की,
हम  से  रूठना, हमें  सताना,
तरपाने  की  अदा  भी  है  आप  की.
हर  बात  पे  हँसना, हर  पल  मुस्कुराना,
हर  बातों  से  दिल  धर्काना.

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अपनी  शर्मीली  नज़रों  से, सुर्ख  होंठों  से,
हर  साँसों  को  चू  लेना.
क्या  क्या  करे  यह  दिल  अफ़साने  बयान  आप  के,
आप  मसीहा-ऐ-इश्क  हैं,
यह  बन्दा  खादिम  है  सिर्फ़  आप  का.

बहुत प्यार करो

आज  कल  मैं  जब  तनहा  होता  हूँ
तुम  मुझे  तनहा  रहने  नही  देतीं
आंख  भीग  जाए  तो  भी
एक  बूँद  भी  बहने  नहीं  देतीं
मेरी  गोद  मैं  तुम्हारा  सर  होता  है
मैं  मेरी  अंगुली  तुम्हारे  बालों  में  पिरोता  हूँ
तुम्हारा  ख्याल  मेरी  उदासी  पर  रहता  है
मैं  तुम  से  चिप  चिप  के  रोता  हूँ.

मैं  कहता  हूँ  अँधेरा  कोई  नही  रहा  है
हर  सिमट  उजाला  है
तुम  ने  मेरे  घर  मैं
एक  नया  सूरज  पला  है

अश्कबार  हूँ  तो  बस  इस  लिए  की
खुशी  भर  गयी  थी  आँखों  मैं
इस  खुशी  की  पहरेदारी  अब  तुम  करो
सरे  आंसू  अपने  होंठों  पे  धरो
मुझे  प्यार  करो  प्यार  करो  बहुत  प्यार  करो

कभी आंसू कभी खुशबू

कभी आंसू कभी खुशबू कभी नाघ्मा बनकर

हम से हेर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर 

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चाँद निकला है तेरी आँख क आँसू की तरह

फूल महके हैं तेरी जुल्फ का साया बनकर

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मेरी जागी हुई रातों को उसी की है तलाश  

सो रहा है मेरी आँखों मैं जो सपना बनकर

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दिल के काग़ज़ पर उतरता है जो शेरों की तरह

मेरे होंटों पे मचलता है जो नाघ्मा बनकर 

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रात भी आए टू  बुझती नहीं चेहरे की चमक

रौह मैं फैल गया है वह उजाला बनकर

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मेरा क्या हाल है यह आके कभी देख तो ले

जी रही हूँ तेरी भूला हुआ वादा बनकर 

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Dhoup मैं खो गया वह हाथ छुरा कर

घर से जो साथ चला था मेरा साया बनकर

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कभी आंसू कभी खुशबू कभी नाघ्मा बनकर

हम से हर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर

गजल के मजे!!

ना जाने क्यो लोग, जिन्दंगी भर साथ निभाने की बात करते हैं,
हमने तो तेरे संग चंद लमहों में जिनदगी को जी लिया हैं

में तो तेरी यादो को भुला ख़ुद ब ख़ुद सभ्ल ही गया
तुमने नजरे मिलते ही, नजरो को क्यो झुका लिया हैं

आशिया बनाने में सदियों लगे थे, उजड़ने में लमहा
तुम ने फिर से क्षणो में आिशया केसे सज़ा लिया हैं,

मेरी ख्वाबो की मलिका तुम और सिर्फ़ तुम हो,
ये जाने नींद को भी दुश्मन हमने बना लिया हैं |

तुम मुझे उस दिन प्यार करना…

जब तुम्हे मुझ पर यकीन हो जाए

मेरी बातो में तुमको सचचाई दिखाने लग जाए

मेरी आखो के अंशु पानी हैं, जब ये भरम टूट जाए

जब तुमको लगे की, तुम बिलकुल अकेली हो,

तुम मुझे उस दिन प्यार करना.

जब तुम्हारे पास जीने की उममीद ना हो,

तुम्हारे अंशु पोझने के लिए कोई तुम्हारे करीब न हो,

जब तुमको लगे की अब अकेले चलना नामुमकिन हैं,

ये जिंदगी का रास्ता अब बहुत कठीन हैं,

तुम मुझे उस दिन प्यार करना,

जब कोई तुम्हारा हुर्द्य तोड़ दे,

बीच राह में तुम्हे छोड़ दे ,

तुम्हारी सांसे उखड़ने लगे,

तुम उस दिन प्यार करना