दूर निगाहोंसे बार बार jaya न करो,
Dilko इस कदर tadpaya न करो,
तुम बिन 1 pal भी जी न सकेंगे हम ,
ये ehsaas बार बार dilaya न करो .
लबों की हसी तेरे नाम कर देंगे
हर खुशी तुझ पर कुर्बान कर देंगे
जीस दिन होगी कमी मेरी दोस्ती मे
ज़िंदगी को मौत के नाम कर देंगे
“ किसी और की बाँहों में रहकर
वह हमसे वफ़ा की बात करते है
यह कैसी चाहत है यारो
वह बेवफा है यह जानकर भी
हम उस्सी से बेपनाह प्यार करते है ”
“ न समझो के हमने आपको भुला रखा है
आप नही जानते के दिल में छुपा रखा है
देखते रहे तुम्हें उमर भर इन आंखों में
इसलिए नज़रों के सामने आइना लगा रखा है ”
में तो तेरी यादो को भुला ख़ुद ब ख़ुद सभ्ल ही गया
तुमने नजरे मिलते ही, नजरो को क्यो झुका लिया हैं
आशिया बनाने में सदियों लगे थे, उजड़ने में लमहा
तुम ने फिर से क्षणो में आिशया केसे सज़ा लिया हैं,
मेरी ख्वाबो की मलिका तुम और सिर्फ़ तुम हो,
ये जाने नींद को भी दुश्मन हमने बना लिया हैं |