प्यार कमजोर दिल से किया नही जा सकता ,
ज़हर दुश्मन से लिया नही जा सकता,
दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की
उस के बीना जिया नही जा सकता.
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साथ रहते रहते यूहीं वक्त गुज़र जाएगा
दूर होने के बाद कौन किसे याद आएगा
जी लो ये पल जब हुम्साथ है
कल का क्या पता, वक्त कहाँ ले जाएगा
March 9, 2008 at 9:03 am
i like your shayri