प्यार बीना जीना

प्यार  कमजोर  दिल  से  किया  नही  जा  सकता ,

ज़हर  दुश्मन  से  लिया  नही  जा  सकता,

दिल  में  बसी  है  उल्फत  जिस  प्यार  की

उस  के  बीना  जिया  नही  जा  सकता.

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साथ  रहते  रहते  यूहीं  वक्त  गुज़र  जाएगा

दूर  होने  के  बाद  कौन  किसे  याद  आएगा

जी  लो  ये  पल  जब  हुम्साथ  है

कल  का  क्या  पता, वक्त  कहाँ  ले  जाएगा

5 Responses to “प्यार बीना जीना”

  1. Mohit Bagaria Says:

    i like your shayri

  2. om Says:

    i like ur shayari.

  3. om Says:

    akhi pyar me dhoka q dete ha?????????????

  4. om Says:

    mai us se bahut pyar karta hu use bhi malum hai ,phir bhi o dusre k sat q ati hai????????????

  5. om Says:

    ram ap pyar k bareme kache ho


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