प्यार कमजोर दिल से किया नही जा सकता ,
ज़हर दुश्मन से लिया नही जा सकता,
दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की
उस के बीना जिया नही जा सकता.
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साथ रहते रहते यूहीं वक्त गुज़र जाएगा
दूर होने के बाद कौन किसे याद आएगा
जी लो ये पल जब हुम्साथ है
कल का क्या पता, वक्त कहाँ ले जाएगा
March 9, 2008 at 9:03 am
i like your shayri
June 13, 2008 at 12:15 pm
i like ur shayari.
June 13, 2008 at 12:17 pm
akhi pyar me dhoka q dete ha?????????????
June 13, 2008 at 12:21 pm
mai us se bahut pyar karta hu use bhi malum hai ,phir bhi o dusre k sat q ati hai????????????
June 13, 2008 at 12:23 pm
ram ap pyar k bareme kache ho