बहुत प्यार करो

आज  कल  मैं  जब  तनहा  होता  हूँ
तुम  मुझे  तनहा  रहने  नही  देतीं
आंख  भीग  जाए  तो  भी
एक  बूँद  भी  बहने  नहीं  देतीं
मेरी  गोद  मैं  तुम्हारा  सर  होता  है
मैं  मेरी  अंगुली  तुम्हारे  बालों  में  पिरोता  हूँ
तुम्हारा  ख्याल  मेरी  उदासी  पर  रहता  है
मैं  तुम  से  चिप  चिप  के  रोता  हूँ.

मैं  कहता  हूँ  अँधेरा  कोई  नही  रहा  है
हर  सिमट  उजाला  है
तुम  ने  मेरे  घर  मैं
एक  नया  सूरज  पला  है

अश्कबार  हूँ  तो  बस  इस  लिए  की
खुशी  भर  गयी  थी  आँखों  मैं
इस  खुशी  की  पहरेदारी  अब  तुम  करो
सरे  आंसू  अपने  होंठों  पे  धरो
मुझे  प्यार  करो  प्यार  करो  बहुत  प्यार  करो

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