बहुत प्यार करो
February 13, 2008 — ramloveआज कल मैं जब तनहा होता हूँ
तुम मुझे तनहा रहने नही देतीं
आंख भीग जाए तो भी
एक बूँद भी बहने नहीं देतीं
मेरी गोद मैं तुम्हारा सर होता है
मैं मेरी अंगुली तुम्हारे बालों में पिरोता हूँ
तुम्हारा ख्याल मेरी उदासी पर रहता है
मैं तुम से चिप चिप के रोता हूँ.
मैं कहता हूँ अँधेरा कोई नही रहा है
हर सिमट उजाला है
तुम ने मेरे घर मैं
एक नया सूरज पला है
अश्कबार हूँ तो बस इस लिए की
खुशी भर गयी थी आँखों मैं
इस खुशी की पहरेदारी अब तुम करो
सरे आंसू अपने होंठों पे धरो
मुझे प्यार करो प्यार करो बहुत प्यार करो