प्यार करो पर धोखा मत देना

प्यार करो पर दोख मत देना
किसी को अन्सुऊँ का तोहफा मत देना
दिल से कोसे कोई तुम्हे ज़िंदगी भर
ऐसा किसी को मौका मत देना

***********

अजी पहली बार कहा मिले थे हम
मिले क्या थे लड़ पड़े थे हम
हमने कहा था गलती तुम्हारी हैं
तुमने कहा था गलती हमारी हैं

4 Responses to “प्यार करो पर धोखा मत देना”

  1. रहीम के दोहे:सम्मान से जो मिले वही उचित Says:

    मांगे मुकरि न को गयो, केहि न त्यागियो साथ
    मांगत आगे सुख लह्मो, ते रहीम रघुनाथ

    कविवर रहीम कहते हैं कि याचक बनकर जाने से सब मुकर जाते हैं और पुराने संबंध भी तोड़ जाते है। ऐसे अगर मांगना हो तो केवल अपने प्रभु राम से ही मांगो इसी में आनंद की प्राप्ति होती है।

    मान सहित विष खाय के संभु भय जगदीस
    बिना मान अमृत पिये। राहु कटायो सीस

  2. santosh Says:

    प्यार करो पर दोख मत देना
    किसी को अन्सुऊँ का तोहफा मत देना
    दिल से कोसे कोई तुम्हे ज़िंदगी भर
    ऐसा किसी को मौका मत देना
    ***********
    अजी पहली बार कहा मिले थे हम
    मिले क्या थे लड़ पड़े थे हम
    हमने कहा था गलती तुम्हारी हैं
    तुमने कहा था गलती हमारी हैं

  3. abhi Says:

    प्यार करो पर दोख मत देना
    किसी को अन्सुऊँ का तोहफा मत देना
    दिल से कोसे कोई तुम्हे ज़िंदगी भर
    ऐसा किसी को मौका मत देना
    ***********
    अजी पहली बार कहा मिले थे हम
    मिले क्या थे लड़ पड़े थे हम
    हमने कहा था गलती तुम्हारी हैं
    तुमने कहा था गलती हमारी हैं

  4. हितैषी Says:

    यूँ चुरा-चुराकर पोस्ट मत दो।

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