इशक तो ढ़ोग हैं

तुझे इश्क हो ये खुदा करे,
तुझे कोई उससे जुदा करे

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तेरे होट हँसना भूल जाए,
तेरी आखे पुरी नम रहा करे

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तू जिसे भी देख कर रुका करे,
वो नजर झुकाके चला करे

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तू इस की बात सुना करे,
वो किसी और की बाते कहा करे

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तुझे दोस्ती भी न आये  रास
तू तनहा तनहा रहा करे,

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तेरे खवाब बिखरे टूट कर,
तू किरिच किरिच चुना करे

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तुझे इश्क पर हो यकीन तब
उसे किताबो में पढ़ा करे

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फिर में कहूँ इश्क तो ढोंग हैं,
तू नही नही किया करे|

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