Valentine Sms
February 9, 2008 — ramloveहर मुलाक़ात पे निगाहें मेरी फ़र्याद करती यही
एक पलट नज़र से देखलें वह कभी
और वह बिन देखे ही अनदेखा कर जाती हैं
रह जाती हैं मेरी तमन्नाएं दिल में दबी….
क्या समझेंगी वह इस दिल की दर्द को
खोयी जो हैं वह अपने ही जहाँ में
क्या महसूस होगी उनको मेरी तड़प
शामिल जो हैं वह इस दुनिया की महफिल में…..
न ख़ुद समझे न समझा सके हम उन्हें
न पाए कभी न कभी खो सके उन्हें
यह बेखुदी तोह रब भी न जाने
इस दिल का नजराना न दिला सके हम उन्हें….
अपना प्यार को छुपा न सके,
दीवाना दिल पे काबू पा न सके,
आज इतने करीब सा गुज़र गए वो
फिर बी उनके हाथ हम थम न सके!!