तुम मुझे उस दिन प्यार करना…

जब तुम्हे मुझ पर यकीन हो जाए

मेरी बातो में तुमको सचचाई दिखाने लग जाए

मेरी आखो के अंशु पानी हैं, जब ये भरम टूट जाए

जब तुमको लगे की, तुम बिलकुल अकेली हो,

तुम मुझे उस दिन प्यार करना.

जब तुम्हारे पास जीने की उममीद ना हो,

तुम्हारे अंशु पोझने के लिए कोई तुम्हारे करीब न हो,

जब तुमको लगे की अब अकेले चलना नामुमकिन हैं,

ये जिंदगी का रास्ता अब बहुत कठीन हैं,

तुम मुझे उस दिन प्यार करना,

जब कोई तुम्हारा हुर्द्य तोड़ दे,

बीच राह में तुम्हे छोड़ दे ,

तुम्हारी सांसे उखड़ने लगे,

तुम उस दिन प्यार करना

रोग-अ -प्यार

तू मुझसे जुदा हैं सही पेर,तेरे प्यार को दिल में ब्स्सा रखा है ,तेरे अन्न्सू कहीं गिर न जायें ,हमने तुझे संभल रखा है ,प्यार का रोग ही सही लेकिन
हमने ये रोग -अ -प्यार पाल रखा है …………………….

इश्क एक से हो तो
इश्क एक से हो तो भोलापन है,दो से हो तोऊ अप्ना पन है,तीन से हो तोऊ दीवानापन है,चार से हो तोऊ पागल पन है,फीर भी कोउन्तिंग ना रुके तो “कमीना पन” है.


कैसे हुआ
कैसे हुआ 5+5=12 ??
बताओ.. बताओ.. बताओ..
थोरा सा िदमाग यूज करो……..
नही मालूम..
now stop using ur mind.
मैं बताऊ…
>गलती से< ……….

ज़िंदगी है
ज़िंदगी है तो “ख्वाब हैं”,
ख्वाब है तो “मंजिलें हैं”,
मंजिलें है तो “रास्ता हैं”
रास्ता है तो “मुश्किलें हैं”
और मुश्किलें है तो “मैं हूँ ना”…..

तुम्हारी जिन्देगे मैं
तुम्हारे जिंदेगे मैं मिठास हो कैडबरी जैसे,
रोनक हो नेरोलाक पैंट जैसे,
मेहक हो एक्स जैसे,
ताजगी हो कोल्गते जैसे,
और तेंस्सिओं फ्री रहे हुग्गिएस जैसे…

आजकल हमसे रूठे

आजकल हमसे रूठे हुए हैं सनम
प्यार में हो रहे हैं सितम पे सितम
लकिन खुदा की कसम होंगे जिस रोज हम आमने-सामने
सारे शिकवे गिले दूर हो जायेंगे
आजकल हमसे रूठे…

उनके हर नाज की हमने तारीफ की
शुक्रिया भी न कहने की तकलीफ की
हमने देखा तो परदे में वो झुप गए
क्या पता था वो मगरूर हो जायंगे
आजकल हमँसे रूठे …

हमको अपनी निगाहों पे हैं इत्बर
एक दिन उनको कर देंगे हम बेकरार
जिस तरह हम मोह्ह्बत में मजबूर हैं
इस तरह वो भी मजबूर हो जायंगे
आजकल हमँसे रूठे…

एक तरफ का प्यार…

एक गीत हर उस आशिक के लिए जो अपनी मोह्हब्त का इजहार नही कर पाता

एक तरफ का प्यार हैं मेरा,

तेरा इजहार चाहता हू,

ना -उममीद नह हू में तेरा ,

एतबार चाहता हू,

जो थोफा एक फूल तुम दो मुझे,

वो लमहा यादगार चाहता हूँ,

जब मिलती हो मेरी रहे तुमसे ,

वो इततफाक हर बार चाहता हूँ,

एक तरफ का प्यार हैं मेरा,

रेता इजहार चाहता हूँ,

ना-उममीद नही हूँ में तेरा,

एतबार चाहता हूँ।

)शायरी प्यार की)

उनकी हर बात दिल लुभाती है ,

हर अदा, हर खता भी बहती है .

*****

दिल मैं मेरे ख़याल आए तो,

बात उनकी ज़ुबान पे आती है.

*****

सब मेरे हाल पर परेशान है.न

एक वह हैं की मुस्कुराती है.न.

 *****

गीत मेरा लिखा ही है शायद,

वह जो हौले से गुन गुनाती है.न

*****

हाथ दीवाने के दे अल्लाह कुछ ऐसी कलम,

आस्मान पर लीख के जाऊं है उन्ही से प्यार है!

 *****

ख़ास लिखा है ख़त मैं, ज़रा आहिस्ता बोलियेगा

भेज रहा हूँ दिल अपना, ज़रा आहिस्ता खोलियेगा।

 *****

तू इस तरह से मेरे दिल मैं शामिल है

जहाँ भी जाऊं लगता है तेरी महफ़िल है।

*****

रस्ते मैं गीरे हैं फूल, उठता है कोई कोई

मुहब्बत करते हैं सभी, निभाता है कोई कोई

*****

ज़िंदगी एक फूल है और मोहब्बत उस का शेहेद

प्यार एक दरिया है , और मेहमूब उसकी सरहद।

*****

जुखा कर उठा न सके सर मेरे सवाल पर,

जुल्फों का नकाब गिरा है , मेरे दिल का राज़ ले कर।