लो अपने भी पोस्ट चोरी हो गई

अब तो सराफ्त का जवान ही नही रहा दीपक जी की तरह ही अपनी भी पोस्ट किसी ने चुरा ली है

इससे तो में परेशान हो गया हूँ

अब में क्या करू आप ही बताओ

लव शायरी

कैसे  कहूं  मैं  तुम  से,  अपने  इस  दिल  की  बात,
हिम्म्म्मत  तो  की  इतनी,  लबों  ने  पर  न  दिया  साथ.
अपनी  यह  चाहत  ले  कर, करूं  मैं  अब  तुझसे  क्या  इजहार,
दिन  तो  कट  जाते  हैं  कट  ती  नही  यह  रात.
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किया  पता  तुम्हे  इस  दिल  की  हालत,
जिस  की  सागर  सी  गहराई  तक  सिर्फ़  तुम  हो.
किया  जानो  मेरी  दीवानगी  और  जूनून,
के  तुम  इतनी  दूर  होते  हुए  भी,
दिल  के  बोहोत  करीब  हो.
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कुछ  गुस्सा, कुछ  नखरा, कुछ  इल्तिजा  भी  है  आप  की,
हम  से  रूठना, हमें  सताना,
तरपाने  की  अदा  भी  है  आप  की.
हर  बात  पे  हँसना, हर  पल  मुस्कुराना,
हर  बातों  से  दिल  धर्काना.

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अपनी  शर्मीली  नज़रों  से, सुर्ख  होंठों  से,
हर  साँसों  को  चू  लेना.
क्या  क्या  करे  यह  दिल  अफ़साने  बयान  आप  के,
आप  मसीहा-ऐ-इश्क  हैं,
यह  बन्दा  खादिम  है  सिर्फ़  आप  का.

प्यार बीना जीना

प्यार  कमजोर  दिल  से  किया  नही  जा  सकता ,

ज़हर  दुश्मन  से  लिया  नही  जा  सकता,

दिल  में  बसी  है  उल्फत  जिस  प्यार  की

उस  के  बीना  जिया  नही  जा  सकता.

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साथ  रहते  रहते  यूहीं  वक्त  गुज़र  जाएगा

दूर  होने  के  बाद  कौन  किसे  याद  आएगा

जी  लो  ये  पल  जब  हुम्साथ  है

कल  का  क्या  पता, वक्त  कहाँ  ले  जाएगा

प्यार करो पर धोखा मत देना

प्यार करो पर दोख मत देना
किसी को अन्सुऊँ का तोहफा मत देना
दिल से कोसे कोई तुम्हे ज़िंदगी भर
ऐसा किसी को मौका मत देना

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अजी पहली बार कहा मिले थे हम
मिले क्या थे लड़ पड़े थे हम
हमने कहा था गलती तुम्हारी हैं
तुमने कहा था गलती हमारी हैं

बहुत प्यार करो

आज  कल  मैं  जब  तनहा  होता  हूँ
तुम  मुझे  तनहा  रहने  नही  देतीं
आंख  भीग  जाए  तो  भी
एक  बूँद  भी  बहने  नहीं  देतीं
मेरी  गोद  मैं  तुम्हारा  सर  होता  है
मैं  मेरी  अंगुली  तुम्हारे  बालों  में  पिरोता  हूँ
तुम्हारा  ख्याल  मेरी  उदासी  पर  रहता  है
मैं  तुम  से  चिप  चिप  के  रोता  हूँ.

मैं  कहता  हूँ  अँधेरा  कोई  नही  रहा  है
हर  सिमट  उजाला  है
तुम  ने  मेरे  घर  मैं
एक  नया  सूरज  पला  है

अश्कबार  हूँ  तो  बस  इस  लिए  की
खुशी  भर  गयी  थी  आँखों  मैं
इस  खुशी  की  पहरेदारी  अब  तुम  करो
सरे  आंसू  अपने  होंठों  पे  धरो
मुझे  प्यार  करो  प्यार  करो  बहुत  प्यार  करो

I लव you

जब खामोश आंखों मे नमी होगी,
यही बस एक दास्ताँ-ऐ-ज़िंदगी होगी,
भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा,
पर कैसे भरेगी वो जगह जहाँ आप की कमी होगी……..

दूर  निगाहोंसे  बार  बार  jaya  न  करो,
Dilko  इस  कदर  tadpaya  न  करो,
तुम  बिन  1 pal  भी  जी  न  सकेंगे  हम ,
ये  ehsaas  बार  बार  dilaya  न  करो .

तेरी ज़रूरत

रेत पे नाम कभी लिखते नहीं, क्योंकी रेत पे लिखे नाम कभी टिकते नहीं,
आप कहते हो तुम पत्थर दिल हो, पर पत्थर पे लिखे नाम कभी मिटते नहीं.

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तेरी हर एक अदा मोहब्बत सी लगती है
एक पल की  जुदाई  मुद्दत सी लगती है
पहले नही अब  सोचने लगे  है हम  ज़िंदगी  के  हर  लम्हे मे
तेरी ज़रूरत सी लगती है

कभी आंसू कभी खुशबू

कभी आंसू कभी खुशबू कभी नाघ्मा बनकर

हम से हेर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर 

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चाँद निकला है तेरी आँख क आँसू की तरह

फूल महके हैं तेरी जुल्फ का साया बनकर

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मेरी जागी हुई रातों को उसी की है तलाश  

सो रहा है मेरी आँखों मैं जो सपना बनकर

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दिल के काग़ज़ पर उतरता है जो शेरों की तरह

मेरे होंटों पे मचलता है जो नाघ्मा बनकर 

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रात भी आए टू  बुझती नहीं चेहरे की चमक

रौह मैं फैल गया है वह उजाला बनकर

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मेरा क्या हाल है यह आके कभी देख तो ले

जी रही हूँ तेरी भूला हुआ वादा बनकर 

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Dhoup मैं खो गया वह हाथ छुरा कर

घर से जो साथ चला था मेरा साया बनकर

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कभी आंसू कभी खुशबू कभी नाघ्मा बनकर

हम से हर शाम मिली है तेरा चेहरा बनकर

इशक तो ढ़ोग हैं

तुझे इश्क हो ये खुदा करे,
तुझे कोई उससे जुदा करे

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तेरे होट हँसना भूल जाए,
तेरी आखे पुरी नम रहा करे

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तू जिसे भी देख कर रुका करे,
वो नजर झुकाके चला करे

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तू इस की बात सुना करे,
वो किसी और की बाते कहा करे

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तुझे दोस्ती भी न आये  रास
तू तनहा तनहा रहा करे,

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तेरे खवाब बिखरे टूट कर,
तू किरिच किरिच चुना करे

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तुझे इश्क पर हो यकीन तब
उसे किताबो में पढ़ा करे

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फिर में कहूँ इश्क तो ढोंग हैं,
तू नही नही किया करे|

Valentine Sms

हर मुलाक़ात पे निगाहें मेरी फ़र्याद करती यही
एक पलट नज़र से देखलें वह कभी
और वह बिन देखे ही अनदेखा कर जाती हैं
रह जाती हैं मेरी तमन्नाएं दिल में दबी….

क्या समझेंगी वह इस दिल की दर्द को
खोयी जो हैं वह अपने ही जहाँ में
क्या महसूस होगी उनको मेरी तड़प
शामिल जो हैं वह इस दुनिया की महफिल में…..

न ख़ुद समझे न समझा सके हम उन्हें
न पाए कभी न कभी खो सके उन्हें
यह बेखुदी तोह रब भी न जाने
इस दिल का नजराना न दिला सके हम उन्हें….

अपना प्यार को छुपा न सके,
दीवाना दिल पे काबू पा न सके,
आज इतने करीब सा गुज़र गए वो
फिर बी उनके हाथ हम थम न सके!!